Wednesday, June 10, 2026
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रेल परियोजनाओं में एस्केप टनल को पैरेलल रोड के रूप में विकसित करने के निर्देश

उत्तराखंड में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की समीक्षा बैठक बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भविष्य की रेल परियोजनाओं में टनल के साथ बनाए जाने वाले एस्केप टनल को समानांतर सड़कों (पैरेलल रोड्स) के रूप में विकसित किए जाने की व्यवस्था बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत निर्मित एस्केप टनल का भविष्य में किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है, इस पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन के विस्तार की संभावनाओं पर भी अध्ययन कर कार्य करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन परियोजना पर तेजी से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि परियोजना के तहत विभिन्न वैकल्पिक मार्गों पर भी गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक क्षेत्र और जनता को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अल्मोड़ा एवं सोमेश्वर क्षेत्र को भी इस रेल मार्ग से जोड़ने की संभावनाओं पर काम किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किए जाने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह करने के भी निर्देश दिए, जिससे निर्माण कार्य को गति मिल सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश–कर्णप्रयाग परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के लिए इंटीग्रेटेड प्लान तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थानीय लोगों के लिए बाजार विकसित किए जाएं तथा स्वयं सहायता समूहों और राज्य के स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही लोगों को स्वरोजगार, होमस्टे एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति अभी से जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थित गांवों, कस्बों, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के समग्र विकास के लिए रोडमैप तैयार किया जाए और स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों का समुचित पुनर्विकास किया जाए, ताकि भविष्य में उत्तराखंड आने वाले यात्रियों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाया जा सके।

बैठक में बताया गया कि ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना का 72.5 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि टनल निर्माण का 95.30 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 28 टनलों का निर्माण किया गया है, जिनमें 16 मुख्य टनल एवं 12 एस्केप टनल शामिल हैं।

इसके अलावा विभिन्न रेलवे स्टेशनों का निर्माण अलग-अलग थीम पर किया जा रहा है। शिवपुरी स्टेशन को नीलकंठ महादेव, ब्यासी को महर्षि वेदव्यास, देवप्रयाग को समुद्र मंथन, जनासु को उत्तराखंड संस्कृति, मलेथा को वीर माधो सिंह भंडारी, श्रीनगर को मां राजराजेश्वरी देवी, धारी देवी को मां धारी देवी, तिलनी को केदारनाथ, घोलतीर को पांच महादेव, गौचर को बाल गोविंद कृष्ण तथा कर्णप्रयाग को बद्रीनाथ मंदिर एवं राधा-कृष्ण थीम पर विकसित किया जा रहा है।

टनकपुर–बागेश्वर रेल लाइन परियोजना के संबंध में बताया गया कि रेलवे द्वारा तीन सर्वे विकल्प प्रस्तावित किए गए हैं तथा अन्य वैकल्पिक मार्गों के साथ अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्र को जोड़ने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव ब्रजेश कुमार संत, पंकज पांडे, मुख्य परियोजना प्रबंधक हिमांशु बडोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से रेलवे के अधिकारी उपस्थित रहे।

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