Wednesday, June 10, 2026
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डोईवाला के पीएम श्री स्कूल में छात्रों ने फूलों की खुशबू और हर्बल कलर से मनायी होली

देहरादून,13 मार्च 2025 myadmin : होली के रंगीन त्योहार की उमंग के बीच, डोईवाला के माजरी ग्रांट स्थित पीएम श्री राजकीय प्राथमिक विद्यालय के नन्हे-मुन्नों ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है,

जिसने हर किसी को रोमांचित कर दिया है.

इन बच्चों ने न सिर्फ रंगों की दुनिया में कदम रखा,

बल्कि हर्बल रंगों के ऐसे जादुई नुस्खे भी सीखे,

जो उनकी होली को और भी खास बना देंगे.

फूलों की खुशबू, रंगों की बौछार:

विद्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यशाला में, बच्चों को अरारोट, गेंदे के फूल, गुलाब के फूल, पलाश के फूल और चुकंदर जैसी प्राकृतिक चीजों से रंग बनाना सिखाया गया.

बच्चों ने अपने छोटे-छोटे हाथों से जब फूलों की पंखुड़ियों को अरारोट के साथ मिलाया,

तो रंगों का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला.

उन्होंने न सिर्फ रंगों को बनते हुए देखा, बल्कि उन्हें महसूस भी किया.

सुरक्षित और स्वस्थ होली का संदेश:

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ होली मनाने के लिए प्रेरित करना था.

प्रधानाध्यापिका नीरा देवी ने बताया कि हर्बल रंगों का उपयोग न सिर्फ हमारी त्वचा को सुरक्षित रखता है,

बल्कि पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है.

उन्होंने बच्चों को समझाया कि कैसे वे प्राकृतिक चीजों से बने रंगों का उपयोग करके किसी भी प्रकार की एलर्जी और चर्म रोगों से बच सकते हैं.

भविष्य के लिए अनमोल सीख:

बच्चों ने इस कार्यशाला में जो सीखा, वह उनके भविष्य के लिए एक अनमोल सीख है.

उन्होंने न सिर्फ रंगों के बारे में जाना, बल्कि प्राकृतिक चीजों के महत्व को भी समझा.

यह ज्ञान उन्हें जीवन भर स्वस्थ और सुरक्षित रहने में मदद करेगा.

शिक्षकों का सराहनीय योगदान:

इस कार्यशाला को सफल बनाने में प्रधानाध्यापिका नीरा देवी, प्रीति रावत, उपमा शर्मा, शशि बाला, गौरव और विकास का योगदान सराहनीय रहा.

उन्होंने बच्चों को रंगों के बारे में विस्तार से बताया और उन्हें रंगों को बनाने में मदद की.

रंगों से सजी होली की तैयारी:

अब माजरी ग्रांट के ये बच्चे हर्बल रंगों से सजी होली मनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.

उन्होंने न सिर्फ रंग बनाना सीखा है, बल्कि उन्होंने यह भी सीखा है कि कैसे वे अपनी होली को और भी खास बना सकते हैं.

यह कार्यशाला न सिर्फ बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव रही, बल्कि इसने उन्हें प्राकृतिक रंगों के महत्व को भी समझाया.

उम्मीद है कि यह कार्यशाला बच्चों को भविष्य में भी पर्यावरण के अनुकूल जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगी.

इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका नीरा देवी, प्रीति रावत, उपमा शर्मा शशि बाला, गौरव एवं विकास का योगदान सराहनीय रहा.

 

 

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